गर्भावस्था के आखिरी महीनों की समस्याए एवं निदान – Problems and Diagnosis of Last Month of Pregnancy

Gynecologist in Indore

गर्भावस्था के आखिरी महीनों की समस्याए एवं निदान – Problems and Diagnosis of Last Month of Pregnancy

गर्भावस्था के आखिरी महीनों में महिलाओं को कई शारीरिक और मानसिक बदलावों का सामना करना पड़ता है। इस समय शरीर में बढ़ते वजन, हार्मोनल बदलाव और बच्चे के विकास के कारण कई तरह की समस्याएं (Problems) उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए इन अंतिम महीनों में सही जानकारी और उचित देखभाल बहुत जरूरी होती है। ऐसे समय में एक स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist in Indore) की सलाह लेना माँ और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है।

1. ऐसिडीटी व पेट मे जलन- वैसे तो आजकल की जीवन शैली में यह समस्या गर्भवती महिलाओं में आम बात है व किसी भी समय हो सकती है पर आखिरी महिनों में यह समस्या, पेट के बढ़ जाने से व खाने की थैली के उपर की तरफ दबने से बहुत बढ़ जाती है। इसके लिये आप मिर्च, मसाला, तेल, तला व काॅफी या चाय से बचें साथ ही थोड़ा थोड़ा बार-बार खायें।
2. कमर दर्द – पेट के बहुत बढ़ जाने से रीड़ की हड्डी की वक्रता में गड़बड़ी के कारण कमर में दर्द आम बात है। इसके लिये रोज घुमना व कमर का व्यायाम बहुत मददगार होता है।
3. नींद न आना -गर्भावस्था में यह किसी भी महिने में हो सकता है। इसके बचने के लिये खाना जल्दी खायें, सामान्य भोजन करें, रात को थोड़ा टहले । हल्की फुल्की कसरत भी इसमें मददगार होती है।
4. स्ट्रेच माकर््स – इसके लिए हर महिला बहुत चिन्तित होती है। सामान्यतः ये 5वे या 6वे महिने से शुरू होते है। यह बच्चे के विकास के कारण पेट की त्वचा में खिंचवा के कारण अन्दर के तन्तु फटने से होते है। स्ट्रेच माक्र्स कम हो या ना हो इसके लिये नारियल का तेल या एलोवेरा क्रीम से पेट, स्तन व जांघो की धीरे-धीरे 10-15 मिनिट तक सुबह शाम मालीष करना चाहिए।
5. पिण्डलीयों मे दर्द व ऐठन -ये अधिकतर आखिरी महिनों में व रात में होते है। इसके लिये रोज घूमना, व्यायाम करना चाहिए व साथ ही कैल्षियम व विटामिन-डी लेना चाहिये।
6. पाईल्स से खून गिरना- कब्ज व पेट के बढ़ जाने से, गुदा में पाईल्स हो जाने से, पोटी जाते समय खून जाने लगता है। इसके लिये पानी ज्यादा पीये फाईबर युक्त खाना खायें। ज्यादा तकलीफ हो तो चिकित्सक की सलाह ले।
7. सफेद पानी जाना-गर्भावस्था में सामान्यतः सफेद पानी की मात्रा बढ़ जाती है, पर यदि साथ में खुजली हो या बदबुदार हो तो इसका इलाज अपने चिकित्सक से करवाना चाहिए।
8. पैरो में सूजन आना- आखरी महिनों में पैरों पर सूजन आना सामान्य बात है। इसके लिये लेटते समय पैरो की एडीयो को दो तकियों पर रख सकते है। जब ज्यादा देर बैठना हो तो पांवो को एक स्टूल पर रख सकते है।

FAQs

1: गर्भावस्था के आखिरी महीनों में एसिडिटी और पेट में जलन क्यों होती है?

गर्भावस्था के आखिरी महीनों में बच्चा बड़ा होने के कारण पेट पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे एसिडिटी और पेट में जलन की समस्या होती है। सही खान-पान, हल्का भोजन और मसालेदार चीजों से बचाव करके इसे कम किया जा सकता है। नियमित सलाह के लिए Pregnancy के दौरान gynecologist in Indore से संपर्क करना बेहतर होता है।

2: गर्भावस्था के आखिरी महीनों में पैरों में सूजन आना कितना सामान्य है?
अंतिम महीनों में पैरों में हल्की सूजन आना सामान्य है क्योंकि शरीर में रक्त संचार और दबाव बदल जाता है। पैरों को ऊंचा रखकर आराम करना और अधिक देर तक खड़े न रहना मददगार होता है। अगर सूजन ज्यादा हो तो Pregnancy के दौरान विशेषज्ञ gynecologist in Indore से जांच करवानी चाहिए।