गर्भाधान (Pregnancy) वैसे तो एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, फिर भी इसमें किसी प्रकार की जटिलता (Complications) उत्पन्न न हो व साथ ही जटिल अथवा जोखिम भरी (High Risk Pregnancy in Indore) गर्भावस्था का पता लगाया जा सके, के लिये नियमित जाँच अवष्य कराना चाहिये। आजकल वैसे भी महिलाओं में अपनी Higher Education व Career के कारण late Marriage व late Child Bearing बहुत सामान्य हो गया है व इस कारण बांझपन, थायराइड की समस्या , डायबिटिस व हाई ब्लडप्रेषर बहुत बढ़ गया है। इसके चलते भी गर्भावस्था में नियमित जांच कराना बहुत ज़रूरी हो गया है।
गर्भावस्था में जटिलतायें (High Risk Pregnancy):-
1. अधिक उम्र में बच्चे होना।
2. मोटापा (Obesity)
3. थायराईड की समस्या ।
4. डायबिटिस का होना।
5. ज्यादा ब्लड प्रेषर होना।
6. जुड़वा बच्चे होना – Late Marriage & Late Child Bearing के कारण बांझपन की समस्या बहुत ज्यादा बढ़ गयी है। बांझपन के इलाज में जब एक से अधिक अन्डे बनाये जाते है तब जुड़वा बच्चे की सम्भावना (chance) भी बहुत बढ़ जाती है। जब गर्भ में दो या उससे अधिक बच्चे होते है तब गर्भपात (Abortion), हायब्लड प्रेषर, शुगर व समय से पहले बच्चों का जन्म होना (Prematurity) इत्यादि बढ़ जाता है।
7. एक से अधिक गर्भ का गिरना।
8. समय से पहले बच्चे का जन्म होना।
9. पहला मरा हुआ बच्चा होना इत्यादि।
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